दरअसल, ये दोनों ही कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स हैं, लेकिन amlodipine जैसे dihydropyridines परिधीय धमनियों को फैलाते हैं, जिससे तरल पदार्थ ऊतकों में रिस सकता है और टखने सूज जाते हैं। जबकि diltiazem जैसे rate-limiting प्रकार सीधे हृदय की गति और संकुचन को प्रभावित करते हैं।
मेरे OPD में यह सूजन अक्सर उन मरीज़ों को परेशान करती है जो दिनभर खड़े रहते हैं, जैसे दुकानदार।
पर मेरी माँ भी amlodipine लेती हैं, और उनके टखने कभी नहीं सूजे—शायद इसलिए कि वे पूरा दिन चूल्हे-बर्तन के पास बैठी रहती हैं। तो किताबी बात और ज़िंदगी का फर्क यहीं दिखता है।
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