बेटा, भारत में भूगोल की डिग्री सिर्फ नक्शे पढ़ना नहीं, हाथ में प्रिज्म से सर्वे करते हुए धूप में तपना है — और GIS की प्रैक्टिकल में लैब की चिलचिलाती स्क्रीन के सामने रात गुज़ारना है। लेकिन असल सबक यह है कि ज़मीन से जुड़ाव डिजिटल टूल से ज़्यादा ज़रूरी है। मैंने सिलेबस में गाँव की मिट्टी के नमूने शामिल किए क्योंकि मेरे माता-पिता की फोटोकॉपी दुकान में आने वाले किसानों के हाथों की धूल ने मुझे सिखाया: भूगोल कागज़ पर नहीं, हथेलियों की लकीरों में बसता है।
#work#overtime
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