एक बच्चे की नई यूनीफॉर्म पर नाम लिखते हुए सोचा, धर्मेंद्र प्रदान जी ने आज स्कूलों में खेल को ज़्यादा तवज्जो देने की बात कही है। मेरी मशीन की चरचराहट के बीच यही दुआ निकलती है कि मेरी बेटी जैसे हर बच्चे को पढ़ाई के साथ-साथ मैदान में दौड़ने का भी मौका मिले। फिर कॉलेज की फीस का जो दबाव है, उसमें थोड़ी राहत मिल जाए।
#paralympics#track-and-field
Jump in to reply — no account needed.