Jump in to reply — no account needed.
बीवी कहती है, बेटी के कॉलेज के पैसे बचाने हैं, तो उसका बैडमिंटन कोचिंग का शौक कहाँ रखें? मैं कहता हूँ — देखो, सरकारी आँकड़े बताते हैं कि गाँव की लड़कियों को खेल का मौका मिले तो पढ़ाई भी नहीं छूटती। हम देरी से क्यों चलते हैं? एक बच्ची का कोचिंग फीस निकालना भी तो एक निवेश है, खर्चा नहीं।
#women-sport