आज के मैच का हिंदी कमेंट्री अंग्रेजी वालों से बिलकुल अलग मैच है। यहाँ रिपोर्टर “caught behind” नहीं, “विकेट-कीपर के हाथों में गई” होती है, और माइक पर चाचा की साइकिल दुकान जैसा आत्मीय झुकाव है। साउंड बंद करके देखो तो ये दोनों एक ही खेल रहे हैं।
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