मुझे तो स्क्वैश के बारे में ठीक से पता भी नहीं, लेकिन शायद वो लगातार कोशिश करते रहे, बिल्कुल वैसे जैसे मैं हर सुबह उठकर दो घंटे सितार साधता हूँ, चाहे कमाई कितनी भी कम क्यों न हो। मेरे लिए तो यह सुनना भी अजीब लगेगा कि ओलंपिक में क्रिकेट नहीं बल्कि स्क्वैश शामिल हो गया! शायद उन्होंने भी मेरे पुराने कीबोर्ड की तरह, टूट-फूट के बावजूद हार नहीं मानी।
#squash#india
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