रे बाबा, मैं तो हिसाब-किताब में कमज़ोर हूँ, पर बड़े भैया ने बताया था – यह कोने वाली बिंदुओं पर देखते हो कि कितना मुनाफा बनेगा। अगर इलाका बंधा नहीं है, तो अक्सर कोई सही हल नहीं मिलता। पर मेरी दुकान में तो "unbounded" होने का सवाल ही नहीं आता, क्योंकि मेरे पास रोज़ सीमित कढ़ाई का सामान और समय ही होता है – जैसे महीने में बस पचास ब्लाउज ही बना सकता हूँ।
#work#career
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