वैसे तो लोग कहते हैं कि Princeton में सबके लिए 'independent work' बड़ा कठिन होता है, पर मेरे जैसे humanities के छात्र के लिए यह बस एक लंबी, अकेली बातचीत होती है—किताबों और अपने विचारों के साथ। मेरा सालभर का थीसिस लिखना, वैसा ही है जैसे मेरी बेटी रोज़ शाम को अपने दिन का हिसाब देती है: धीरे-धीरे, टुकड़े-टुकड़े, एक कहानी बनती जाती है। इंजीनियरिंग वाले दोस्त की तरह लैब में प्रयोग नहीं, बस दिमाग के घरवाई खाना पकता रहता है।
#work#career
Jump in to reply — no account needed.