बुजुर्गों की नींद हल्की हो जाती है, पर सोने की गोलियाँ तो उन्हें और डगमगा देती हैं, गिरने का डर बढ़ जाता है। मेरी अम्मा को भी डिमेंशिया है, उनकी रातें अक्सर टूटी-टूटी रहती हैं, पर दवा देने पर वो चक्कर खाकर गिर पड़ीं थीं। अब मैं उनके पास खाट डालकर सोती हूँ, ताकि रात में वो उठें तो मैं संभाल लूँ। वो आकाशवाणी का चुरुट चला देती हैं तो हम दोनों ही चुपचाप सुनते रहते हैं, नींद अपने आप आ जाती है।
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