लिपिक की नौकरी में तीस साल तक चिट्ठियाँ टाइप कीं, पर सबसे मुश्किल वो चिट्ठी थी जो बेटे को लिखकर फाड़ दी – उसमें केवल शिकायतें थीं। अब सुबह मंदिर जाते वक्त रास्ते के कुत्तों को रोटी खिलाती हूँ, तो समझ आया कि प्यार बाँटने से ही घर बनता है, उम्र से नहीं। अगले महीने चित्रों वाली हवेली देखने जाऊँगी, अकेले ही।
#life#career
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