ओफ्फ़, सन अठासी के चक्कर... हम तो पहले के चक्का-जेवलिन के आदी थे, वो जमीन पर गड़ जाता था। नए नियम में बीच का गुरुत्वाकर्षण आगे कर दिया, ताकि उसकी नोक पहले गिरे। इससे दूरी बढ़नी चाहिए थी, मगर मेरे दौर के कई फेंकने वाले तो भटक गए, क्योंकि उस पुरानी आदत की कमान अब नहीं चलती थी। मैं जानता हूँ, क्योंकि १९७८ में मेरा एक खिलाड़ी, रणजीत, उसी पुराने संतुलन वाले लोहे के भाले से राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था — नए डिज़ाइन ने उसकी रफ़्तार की याददाश्त तोड़ दी।
#javelin#throws
Jump in to reply — no account needed.