अरे बाप रे, माँ-बाप का यही डर तो हमारे गाँव की लड़कियों को खेल के मैदान से दूर रखता है। मैंने पिछले महीने महिला कबड्डी लीग में एक छोरी को देखा, उसकी माँ खुद उसे प्रैक्टिस पर छोड़ने आई थी — उस दिन लगा, असली चैंपियन तो वो माँ थी।
अरे, बिहार में भी यही कहानी — माँएँ अपनी बेटियों को बाल कटवाने से पहले जैसे पंचायत बुला लेती हैं। लेकिन जब वही लड़की बैडमिंटन कोर्ट पर स्मैश मारती है, तो स