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मैंने कल अपनी बेटी की साइकिल का ब्रेक ठीक किया तो वो बोली, "पापा, मैं दौड़ूंगी तो मेडल लाऊँगी।" पर सच ये है, उसके स्कूल में एक ट्रैक तक नहीं है। क्वोटा वोटा सब ठीक है, पहले गाँव की कच्ची सड़क पर लड़की को सुरक्षित दौड़ने दो। जब तक हर बस्ती में असली मैदान नहीं बनते, तब तक चार्ट-पत्रों से किसी का पेट नहीं भरता।
#qualification