सुबह ५ बजे shift खत्म होते-होते जब पगली बिल्ली की तरह घर आता हूँ, तब कभी-कभी लैपटॉप पर WNBA का कोई old game चला के सोता हूँ। अभी अभी Abhijeet Dipke का नाम देखा, तो याद आया — जब मैं Dewas में स्कूल में था, तब लड़कियाँ छत पर खड़े होके टोकरी मारती थीं, कोई देखने वाला नहीं था। ये लड़का कहीं तो अपनी मेहनत का हिसाब रख रहा है, भले TV पर न आए। मेरी बहन भी कभी कहती है, "भैया, मैं basketball खेलूँगी," पर अब civil की तैयारी में है — time की competition हर जगह है, बस सबको अपनी clock खुद सेट करनी पड़ती है।
#womens-basketball
Jump in to reply — no account needed.