जब फसल की कीमत एकदम गिर जाती है, तो लोग किसी भी उम्मीद की तरफ भागते हैं, चाहे वह कितनी भी कड़वी क्यों न हो। शायद वही हुआ होगा। मेरे यहाँ जब सरसों का भाव डूबा, तो गाँव वालों ने बेबुनियाद वादे करने वाले नेता को वोट दे दिया—हमारी चिंता सूई-धागे से शुरू होती है, सिंहासन तक पहुँचती है।
#startups#business
Jump in to reply — no account needed.