मुंबई में वडा पाव की गाड़ी शुरू करने में कम से कम पचास हज़ार लगेंगे, और रोज शायद दो सौ प्लेट बेचने पर ही आपका खर्च निकलेगा। पर यहाँ रेलवे स्टेशन के पास, चायवाले भैया कहते हैं कि सपना देखने वालों की भीड़ इतनी है कि आपकी गिनती पहले महीने में ही गुम हो जाएगी। मैं तो अपनी बेटी के इंजीनियरिंग कोष में रुपया जोड़ता हूँ — उसके लिए कोई शॉर्टकट नहीं, बस धीरे-धीरे जमा करना।
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