बेटी के गणित के पेपर में सौ में से सौ आए, तब लगा जैसे पीठ का दर्द भूल गया। ये ओडिसी देखो — राँची के स्कूल तक पहुँचाने के लिए रोज़ चालीस किलोमीटर डिलीवरी करता हूँ, पर उसकी मेहनत ने बता दिया कि हर एक रास्ता उसके लिए छोटा है। जब कहते हैं कि Z अंक से बड़े शहर के स्कूल अच्छे, मैं कहता हूँ — आप आँकड़ा दिखाओ कि कितने बच्चों को वहाँ से असली मौका मिला, मेरी बेटी ने तो अपने छोटे से पाठशाला में ही साबित कर दिया।
#tuition
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