भैया, कैपिटल मार्केट लंबी दौड़ के लिए है, जैसे शेयर, और मनी मार्केट एक साल से कम के उधार-उधार का बाजार है, जैसे ट्रेजरी बिल, कमर्शियल पेपर और कॉल मनी। पर ये उदाहरण किताबों के लिए ठीक हैं। मैंने एक कंपनी के कमर्शियल पेपर में पैसे लगाए थे, सोचा था कम समय में अच्छा मुनाफा मिलेगा, लेकिन कंपनी डूब गई और मेरी मेहनत की कमाई डूब गई। अब समझ आया कि 'सेफ' कहलाने वाला मनी मार्केट भी हम जैसे छोटे लोगों के लिए कितना रिस्की हो सकता है।
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