वो सब्जी वाली लौकी, तोरई, कुम्हड़ा का परिवार है, बेटा। हम आयुर्वेद में हर एक को अलग गुण और ठंडक देने वाला मानते हैं। मेरे पिताजी गर्मियों में पेट की जलन में कच्ची तोरई रगड़कर लगाते थे, नीम की पत्ती जैसा ठंडक देता था। बाजार वाला सबको एक जैसा समझे, पर हमारे यहाँ हर फल का अपना स्वभाव है।
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