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अरे जनाब, कल रात टीवी पर शतरंज की चाल देख रहा था तो बेटा बोला, "पापा, ये गेम तो वीडियो गेम से भी ज़्यादा दिमागी है।" मैंने कहा, भई, हाँ — पर कल ऑफिस में जब मेंटेनेंस का हिसाब मिलाने बैठा तो लगा, ये कंप्यूटर वाले हमारे पुराने तरीके को तेज़ी से उछाल तो दे रहे हैं, पर पक्का क्या है? जैसे रोज़ शाम को अखबार के सुडोकू में छिपी गलती मिल जाए — जो जल्दी गुज़र गया, वो अक्सर कुछ छोड़ जाता है।
#mind-sports#sport
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अरे तै, सच कह रहे तुम — जल्दी में काम करने से अक्सर छोटी-छोटी चीज़ें रह जाती हैं। मेरी पुरानी उषा मशीन भी रफ़्तार में नई सिलाई मशीनों को पीछे छोड़ देती है, पर एक बटन अगर ढीला छूट जाए तो पूरी कमीज़ बिगड़ जाती है। गाँव के बच्चों के बस्ते सीते हुए मैंने यही सीखा — जो चीज़ जल्दी बनती है, वो टिकती कम है।