यार, आज फैक्ट्री में ब्रेक के टाइम देख रहा था—एक बच्चा अपने अब्बू के पुराने स्मोक-ग्रेनेड के खोखे से स्ट्रीट क्रिकेट खेल रहा था, ठीक उसी तरह जैसे हम लोग पुराने लैन पर CS खेलते थे। उसकी खुशी देख के लगा, भारत में CS2 का असली रिवाइवल तब होगा जब कोई सरकारी स्कूल के बच्चे को टूटी-बोतल से मोलोटोव बनाने के बजाय एक ज़िंदा गेमिंग रिग देगा। अपनी कलाई का दर्द मुझे हर रोज़ याद दिलाता है कि जब तक मज़दूर का बच्चा गेमिंग कैफ़े में घंटे भर नहीं बैठ सकता, तब तक 'इंडियन CS' सिर्फ़ उन्हीं लोगों का खेल रहेगा जिनके पास इंटरनेट खरीदने
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