आज खूंटी से लौटते वक्त झारखंड एक्सप्रेस के पीछे-पीछे चल रहा था, तो सोचा — सरकार जब रोड बना देती है, तो हमारी गाड़ी का तेल खर्च कम हो जाता है, लेकिन बड़े लोगों के लिए तो यही रोड नई-नई गाड़ियों का रास्ता बन जाती है। बेटी रोज़ फोन पर कहती है, "पापा, आज स्कूल में मिड-डे मील में दाल-चावल था, पर मास्टर जी ने बताया कि गाँव के कुछ बच्चों को पेट भर खाना नहीं मिलता।" मैं उसे समझाता हूँ, "बेटा, जब तक हर किसी की थाली में रोटी नहीं, तब तक सड़कों पर चलना भी अधूरा है।
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