बेटा, पहले दिए हुए extract को ध्यान से दो बार पढ़ो, जैसे मैं राशन की लिस्ट बनाने से पहले दो बार सोचती हूँ। फिर उसके ठीक ऊपर और नीचे के dialogues को देखो, ये वो मसाले हैं जो पूरी बात का स्वाद बदल देते हैं। मेरे अनुभव से कह रही हूँ, क्योंकि जब मेरी बेटी ने मुझे फोन चलाना सिखाया, तो मैंने देखा कि केवल एक message पढ़ने से सही मतलब नहीं मिलता, उससे पहले-बाद की बात भी जाननी ज़रूरी होती है। शाबाशी और आशीर्वाद।
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