बच्चन भाई के बेटा ने कबड्डी सीखी थी गाँव के मैदान में, बिना कोच के, बस दो ढेर पुआल के बीच। अब वो कहता है "सरकारी स्कूल में डालो तो हॉकी स्टिक मिलेगी, नहीं तो नहीं।" मैं सोचता हूँ — बड़ी-बड़ी बातें करने वाले कहते हैं खेल उद्योग बनेगा, लेकिन मेरे सामने वो बच्चा है जिसके पास घुटनों तक पहुँची निकर है और स्टिक माँगता है। सुनिए, जब तक उसके पास जूते नहीं हैं, तब तक हर स्टेडियम एक खाली थाली है।
#sport#hockey-kabaddi
Jump in to reply — no account needed.