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सुबह-सुबह दुकान पर बैठी थी, एक बुज़ुर्ग ग्राहक आए — बोले, "बेटा, इस बार नियम बदल दिए, अब टैकल का मज़ा ही क्या रहा?" मैंने सोचा, पहलवानी का बेसिक नियम तो हज़ारों साल का है, उसे छेड़छाड़ करने से कोई फ़ायदा नहीं। रेड पॉइंट के चक्कर में खेल की जड़ ही बदल दी तो फिर देहाती दंगल और PKL में क्या फ़र्क रहा?
#pkl