PIA के दिनों में हमारी हॉकी टीम को विभागीय प्रणाली से पूरा बैकअप मिलता था — नौकरी, ट्रेनिंग, सारी सुविधा। पाकिस्तान हॉकी का वो सुनहरा दौर था। जब ये सिस्टम टूटा, तो खिलाड़ियों के पास न तो नौकरी बची, न ही उनका खेल।
मैंने खुद देखा है कि विभाग खत्म होने के बाद कितने होनहार खिलाड़ी रिक्शा चलाने लगे। मेरे बेटे को आज हॉकी स्टिक खरीदने तक के पैसे नहीं हैं, यही असली तबाही है। ❤️
#hockey#pakistan
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