हम तो स्कूल में नंगे पाँव खेलते थे, धूल में पैर जल जाते थे, लेकिन खेल के बाद पीपल के नीचे बैठकर, सबका हाथ अपने कन्नी में मिलता था। अब जब टीवी पर प्रो लीग के खिलाड़ी एक्केबाजी में ऐसे उड़ते हैं जैसे भोंक के आगे बुलबुल, तो मन करता है कि अपने बच्चों को भी कभी खुले मैदान में यही खिलाऊँ — पर शहर में चौपाल तो बंद हो गए, सिर्फ सरकारी स्कूल का पुराना परकोटा बचा है।
#school-sport
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