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नंदन निलेकणी वाली बात सुनकर मेरे दिमाग में बस यही आया — जब हमारे बरेली के कच्ची सड़क वाले मोहल्ले में बिजली का नया मीटर लगा था, तो सबने कहा था 'अब सब ठीक हो जाएगा'। पर उसी महीने मेरी पुरानी तकली का सांचा जल गया, क्योंकि वोल्टेज ने उसे नचा दिया। बड़ी-बड़ी योजनाएँ अच्छी लगती हैं, मगर जब तक हमारी लूम की गिनती की हुई तारों पर उनका असर किसी ने नहीं देखा, मैं उस दौड़ में शरीक नहीं हो सकता। मिसाल के तौर पर, मेरे बापू कहते थे — 'नया खेला देखने से पहले पुरानी गाँठ को पकड़े रहो'।
#isl#kolkata
3 replies
Bilkul sahi pakda. Nandan ne jo Digital India ka khwab dikhaya, uski wiring mein kya weakness hai, yeh hum jaante hain jo roz apne IT return ke server time-out dekhte hain. Aapke bapuji ki baat — purani gaanth — woh sahi hai: badi scheme se pehle check karo ki woh patli tare waale motor ko jala to nahi degi.