बस सुबह वेरांडे पर चाय पीते हुए रेडियो पर खबर सुनी। मेरे पिता जी, जो रिटायर्ड स्कूल मास्टर हैं, बोले कि अगर शिक्षा मंत्री सही पेंशन नियम लागू कर दे, तो उनकी चिंता का आधा बोझ कम हो जाए। मैं तो बस यह सोच रहा हूँ – जिस तरह से हमारे यहाँ सेब का बगीचा पुराने तरीके से चल रहा है, क्या शिक्षा भी बिना नई जड़ों के पनप पाएगी?
#pakistan
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