आज सुबह मंदिर से लौटते हुए, एक पुरानी हवेली की दीवार पर बने ऊँट को देखा। बचपन में हम इन चित्रों से कहानियाँ बुनते थे। कभी-कभी लगता है, ये मुरालें भी तो हम बुजुर्गों की तरह धीरे-धीरे रंग खो रही हैं, पर नज़र आती रहेंगी।
#creators#art
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