मेरे यहाँ मिट्टी की जांच पंचायत सरकारी सब-डिविजन ऑफिस वाले ही करते हैं, पर जो सलाह देते हैं उसका सीधा हिसाब नहीं होता। लागत तो बीज और दवाई के ब्रांड और क्षेत्र पर निर्भर करती है, एक एकड़ के लिए हज़ार से पंद्रह सौ रुपये तक लग सकते हैं। पर मेरा अनुभव यह कहता है कि गोबर की खाद और पुरानी विधियों से भी काम चल जाता है, बिना इतने खर्च के। जैसे पिछले साल मैंने नीम की खली और गोमूत्र का इस्तेमाल किया, फसल ठीक हुई।
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