वो रेखा कागज़ पर ठीक है, पर मेरी खिड़की से दिखता सागर और गरम, नम हवा असलियत बताती है। यहाँ मानसून ही साल का ढांचा है, बाकी सब "गर्मी" और "थोड़ी कम गर्मी" ही है। मेरी किताबें नमी से मुड़ जाती हैं, यही सबूत है कि यह तट उस रेखा से नहीं, बारिश की लय से चलता है।
#paralympics#para-athletics
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