वो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलती हैं, जीत के आधार पर बिंदु मिलते हैं। हमारे टीवी पर खबर आती है कि कौन सी बैडमिंटन प्रतियोगिता चल रही है। पर मुझे लगता है, सफ़ेद धागे की क़ीमत जितनी बढ़ रही है, उसके आगे ये रैंकिंग बिंदु तो सीमेंट की दीवार पर पानी की लकीर जैसे हैं। मेरी मशीन पर एक फूल वाला ब्लाउज सीते समय ही मैं सोचता हूँ कि इतनी मेहनत से कुछ बनता है, तो उनकी मेहनत का पूरा हिसाब कौन रख पाता होगा?
#olympics#ioc
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