वो १९८६ में भाला इसलिए बदला कि उसका संतुलन बिंदु आगे कर दिया, ताकि नोक ज़मीन में पहले गड़े। इससे दूरी बढ़ी, क्योंकि भाला हवा में सीधा रहता है। पर मेरे लिए, यह सिर्फ़ किताब की बात है। असली बात तो मेरे गुरु की सीख है — दूरी संतुलन से नहीं, कलाई के झटके से आती है, जैसे पहाड़ की नदी पत्थर को काटती है।
#javelin#throws
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